Ocean of the world (विश्व के महासागर)

ocean of world

📑 संपूर्ण जल भाग की *चार महासागरों* में विभाजित किया गया है : -
(1) प्रशान्त महासागर
(2) अटलांटिक महासागर
(3) हिन्द महासागर
(4)आर्कटिक महासागर

📑 संपूर्ण पृथ्वी के लगभग *3/4* भाग में जलमंडल का विस्तार है , इसलिए पृथ्वी को *जलीय ग्रह* भी कहा जाता है ।

📑*बैगनर के अनुसार* , धरातल के 71.7% भाग पर जल एवं 28.3% भाग पर स्थल पाया जाता है। जबकि *क्रेमेल के अनुसार* , 70.8% भाग पर जल एवं 29.2% भाग पर स्थल पाया जाता है।

📑*NCRT* किताब में : - *पृथ्वी के लगभग 71% भाग पर महासागर एवं 29% भाग पर स्थल या महाद्वीप का विस्तार है ।*
📑पृथ्वी पर जल निम्न रूपो में पाया जाता है -
*महासागर            : -   97.2%*
*हिमनद                : -   2.05%*
*भूमिगत जल        : -   0.61%*
*झीलों में               : -   0.01%*

📑महासागरीय गहराई को *फैदम* (फैदम बराबर 6 फीट) में मापा जाता है ।

📑 महासागर की गहराई का क्रम निम्न है : -
 (1) महाद्वीप मग्न तट , (2) महाद्वीपीय ढाल ,
(3) महाद्वीपीय उत्थान , (4) महासागरीय मैदान ।

📑महासागरीय जल के दो महत्वपूर्ण गुण होते है : -
 *तापमान व लवणता*
 
       📖तापमान*📖
📑महासागरीय जल का तापमान *5 डिग्री - 33 डिग्री सेंटीग्रेट* के मध्य होता है ।

📑सर्वाधिक तापमान *हिंद महासागर का 17.03 डिग्री C* है

📑 महासागरीय जल का *अधिकतम तापमान 2 PM पर* व *न्यूनतम तापमान प्रायः 5 AM पर* होता है ।

📑 सागर का *क्वथनांक बिंदु सामान्य जल से अधिक होता* है  ।

📑बढ़ते अक्षाशों के साथ तापमान जे *घटने की दर 0.5 डिग्री C* है ।

       📖लवणता*📖

📑 सागरीय जल के भार व उसमे घुले हुए पदार्थो के भार के अनुपात को *सागरीय लवणता* कहा जाता है ।

📑समान लवणीय स्थानों को मिलाने वाली रेखा *आइसोहेलाइन* कहलाती है तो लवणता मापी यंत्र *सेलीनो नेक्टर* है ।

📑अधिक लवणता वाला सागर *देर से* जमता है तथा वाष्पीकरण *न्यून* होता है ।

📑*कर्क व मकर* रेखा के पास *लवणता सर्वाधिक* पाई जाती है ।

📑महासागरीय लवणता का औसत *35 ग्राम प्रति हजार* है जबकि *सर्वाधिक* लवणता वाला महासागर *अटलांटिक महासागर* (36 ग्राम प्रति हजार) है ।

📑 सर्वाधिक लवणता वाला सागर *भूमध्य सागर* 39 ग्राम प्रति हजार है ।

📑*हिमनद* स्वच्छ जल के *सबसे विशाल* भंडार है ।

🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰
        *प्रशान्त महासागर*
🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰

📑विश्व का सबसे बड़ा और गहरा महासागर जिसकी आकार
त्रिभुजाकार है ।

.📑इस महासागर का क्षेत्रफल 16.572 करोड़ वर्ग किमी है

.📑इस महासागर में सबसे अधिक गर्त मिलते हैं ।

.📑-समुद्री पर्वत की सर्वाधिक संख्या भी इसी महासागर में है
.
📑-प्रशांत महासागर में अटलांटिक और हिंद महासागर के समान मध्यवर्ती कटक(CENTRALRIDGE)नहीं पाया जाता है ।

📑कुछ बिखरे कटक- एल्बेट्रोस पठार, न्यूजीलैंड कटक,हवाई कटक आदि पाए जाते हैं ।

📑तरटवर्ती सागर जैसे- बेरिंग सागर, जापान सागर,
पीला सागर, जावा सागर, बांडा सागर, अराफुरा सागर, कोरल सागर पश्चिमी भाग में स्थित है ।

📑अलास्का की खाड़ी,कैलिफोर्निया की खाड़ी,
पानामा की खाड़ी,फाल्सो की खाड़ी पूर्वी भाग में स्थित
है ।

📑सर्वाधिक द्वीप और जलमग्न केनियन प्रशांत महासागर में
पाए जाते हैं ।

📑एल्बेट्रोस कटक पूर्वी प्रशांत महासागर में स्थित है
 विश्व का सबसे बड़ा व सबसे गहरा महासागर है ।

📑 इस महासागर को *सुख समृद्धि* एवं *सम्पन्नता का देवता* कहा जाता है ।

📑यह महासागर एशिया महाद्वीप से चार गुना बड़ा है । व कुल महासागरों के धरातल का 1/3 भाग घेरता है ।

📑 इस महासागर की आकृति *त्रिभुजाकार* है ।

📑 प्रशान्त महासागर को *जल गोलार्द्ध* भी कहा जाता है ।

📑 इसका आधार दक्षिण में *अंटार्कटीका महाद्वीप* एवं इसका शीर्ष उत्तर में *बेरिंग जलसंधि* , पश्चिम में *एशिया व ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप* जबकि पूर्व में *उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका* है ।

  📑प्रवाल भित्तियां* प्रशान्त महासागर की विशेषता है ।

📑 प्रशान्त महासागर की सतह का तापक्रम अन्य सभी महासागरों से अधिक ( 66.4 डिग्री फारेनहाइट ) होता है । इसी कारण यहां सर्वाधिक *भूकंप व ज्वालामुखी* आते है ।

📑मध्य प्रशान्त महासागर में हवाईयन उभार प्रमुख है ।

📑इसके बैसिन की औसत गहराई 7,300 मीटर है ।

📑आधार तल् की दृष्टि से विश्व का सबसे ऊँचा पर्वत *मोनाकी* एक ज्वालामुखी पर्वत है ।

 📖प्रशान्त महासागर के प्रमुख गर्त📖

(1) *मेरियाना गर्त : -* पश्चिमी प्रशान्त महासागर 11022 मीटर
(2) *होंगा गर्त : -* मध्य दक्षिणी प्रशान्त महासागर 10882 मीटर
(3) *स्वायर गर्त : -* उत्तरी पश्चिमी प्रशान्त महासागर 10475 मीटर
(4) *क्यूरायल पर्वत : -* सखालीन द्वीप समूह 10498 मीटर

  📖प्रमुख सीमांत सागर📖

📑बेरिंग ,आरफुरा ,रॉस ,तस्मान , जापान , चीन , पीत , कोरल सागर , अलास्का की खाड़ी , पनामा की खाड़ी आदि*


🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰
     ** अटलांटिक महासागर **
🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰

📑यह महासागर संसार का छठा भाग है जिसका क्षेत्रफल
करीब 8.296 करोड़ वर्ग किमी है । यह प्रशांत
महासागर का आधा है ।

📑यह विश्व का *दूसरा सबसे बड़ा* महासागर है जिसे *अंध महासागर* भी कहते है ।

📑इसकी आकृति S आकार की प्रतीत
होती है ।

📑इसके पश्चिम में दोनों अमेरिका तथा पूरब में यूरोप और
अफ्रीका, दक्षिण में अंटार्कटिका । उत्तर में
ग्रीनलैंड, हडसन की खाड़ी, वाल्टिक
सागर, उत्तरी सागर मग्नतट पर स्थित है ।

📑इस महासागर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता मध्य
अटलांटिक कटक है ।

📑मध्य अटलांटिक कटक उत्तर में आइसलैंड से, दक्षिण में बोवेटद्वीप तक करीब 14 हजारकिमी लंबा और 4 हजार मीटर ऊंचा है ।

📑मध्य अटलांटिक कटक की कई
चोटियां महासागरीय जलस्तर से बाहर निकली हुई
हैं । जैसे- अजोर्स का पाइको तथा केपवर्डे द्वीप ।

📑सबसे तीव्र चोटी भूमध्य रेखा के निकट सेंट
पॉल नाम द्वीप समूह की है ।

📑अटलांटिक महासागर में सेंट हेलेना, गुआ तथा बोवेट द्वीप,ज्वालामुखी द्वीप हैं ।

 📑इसकी औसत गहराई *4229 किमी* है विश्व में *औसत गहराई के आधार पर तीसरा स्थान* है ।

📑विश्व की सबसे गर्म जलधारा *' गल्फ स्ट्रीम '* तथा सबसे ठंडी जलधारा *' लेब्रोडोर '* इसी महासागर में स्थित है ।

📑 इसके दोनों तरफ विकसित देश है । इस कारण *विश्व का 75%* अंतर्राष्ट्रीय व्यापार इसी महासागर के माध्यम से होता है

 📖प्रमुख सीमांत सागर📖

📑कैरिबियन , उत्तरी सागर , मैक्सिको की खाड़ी हडसन की खाड़ी , लेब्रेडोर सागर , सेन्ट लॉरेन्स की खाड़ी , बैफिन की खाड़ी , इंग्लिश चैनल , भूमध्य सागर , गिनी की खाड़ी , कील नहर , फ्लोरिडा की खाड़ी , सेन्ट जॉर्ज चैनल , डावर जल संधि , नॉर्थ चैनल इत्यादि*

🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰
         * हिंद महासागर **
🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰

📑 इसका उद्भव *' गोंडवाना लैंड '* के विभाजन के बाद हुआ जिसे प्राचीन भारतीय भूगोल के अंतर्गत *' रत्नाकर '* कहा गया है ।

📑 यह विश्व का *तीसरा बड़ा महासागर* है । इस महासागर की आकृति *अंग्रेजी के *' M '* अक्षर के समान है । इसे *अर्द्ध महासागर* भी कहते है ।

📑इस महासागर का क्षेत्रफल 7.34 करोड़ वर्ग किमी है ।

📑 इसकी औसत गहराई 3950 मीटर  लगभग  4000 मीटर है ।

📑यह एक ओर से प्रशांत महासागर तथा दूसरी ओर से
अटलांटिक महासागर से मिला है ।

📑इसके उत्तर में दक्षिण एशिया, दक्षिण में अंटार्कटिका महादेश, पूर्व मेंऑस्ट्रेलिया महादेश और पश्चिम में अफ्रीका महादेश है ।

📑इस महासागर में गर्तों का अभाव है । केवल जावा के दक्षिण में सुंडा गर्त तथा डायमेंटिना गर्त पाया जाता है ।

📑लक्षद्वीप और मालदीव प्रवाल
द्वीपों के उदाहरण हैं ।

📑ज्वालामुखी द्वीप में मॉरिशस व
रीयूनियन द्वीप अहम है ।

📑 इस महासागर  में सोडियम क्लोराइड की मात्रा *सबसे कम* पाई जाती है ।

📑 इस महासागर को *' भारत '* दो भागों में विभाजित करता है : - *1. बंगाल की खाड़ी , 2. अरब सागर* ।

📑कर्क रेखा* इस महासागर की अंतिम उत्तरी सीमा ही ।

📑डि एगो गार्सिया '* द्वीप ब्रिटिश शासन में ब्रिटिश अधिकारियों का औपनिवेशिक नौ सेना व वायु सेना का अड्डा है ।

📑अमरीका* का नौसैनिक हवाई अड्डा हिन्द महासागर के *डि एगो गार्सिया* में है ।

📑सोकोतेरा : - अदल की खाड़ी* में यह द्वीप है । यह *यमन देश* में है । यहां पर *एशिया* की सामरिक उपस्थिति है ।

📑कोकोद्वीप : - अंडमान निकोबार* का द्वीप है । *चाइना* की उपस्थिति है ।

📑हम्बनटोटा : - श्रीलंका* के ऊपर स्थित पोर्ट है जिस पर *चाइना* अपनी उपस्थिति कायम कर रहा है ।

   📖प्रमुख सीमांत सागर📖

📑बंगाल की खाड़ी , अरब सागर , अंडमान सागर , ग्रेट ऑस्ट्रेलियन व्हाइट , फारस की खाड़ी , अदन की खाड़ी , लाल सागर , मोजाम्बिक चैनल इत्यादि

🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰
         **आर्कटिक सागर **
🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰
📑यह सबसे छोटा महासागर है ।

📑इसकी आकृति *अंग्रेजी के ' D '* अक्षर के समान है ।

📑 यह एक गोलाकार *सबसे उथला* महासागर है

📑 आर्कटिक महासागर में *साईबेरियन शेल्फ* विश्व में *सबसे बड़ा मग्न तट* है जिसकी चौड़ाई 1500 किमी . है ।

📑इसके अधिकांश भाग पर बर्फ जमी रहती है
यह *एकमात्र महासागर* है जो *बर्फीला* है ।

📑इसको छिपता हुआ महासागर भी कहते हैं ।

📑व्यूफोर्ट, लाप्टेव, कारा, श्वेतसागर इसके सीमांत सागर हैं ।

📑यह सबसे कम गहरा महासागर है ।इसको उथला हुआ सागर भी कहते है।

📑विश्व का सबसे चौड़ा महाद्वीपीय मग्नतट
इसी महासागर में है ।

📑फराओ कटक और स्पिट्सबर्जन इसके महत्वपूर्ण कटक(RIDGES) हैं ।

📑विश्व का *सबसे छोटा* महासागर है , जो उत्तरी ध्रुव के चारो ओर फैला हुआ है ।

 📑 यह *बेरिंग जलसंधि* द्वारा *प्रशान्त मगसागर* एवं *डेनमार्क जलसंधि* द्वारा *अटलांटिक महासागर* से जुड़ा है
Gk Veda
Gk Veda

This is a short biography of the post author. Maecenas nec odio et ante tincidunt tempus donec vitae sapien ut libero venenatis faucibus nullam quis ante maecenas nec odio et ante tincidunt tempus donec.

No comments:

Post a Comment